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ईएमआई कैलकुलेटर और नो-कॉस्ट EMI जांच

"नो-कॉस्ट EMI" भी पूरी तरह मुफ़्त नहीं: ब्याज पर 18% GST और प्रोसेसिंग फ़ीस लगती है। खरीदने से पहले अपनी EMI और छिपा खर्च देखें।

EMI

नो-कॉस्ट EMI का छिपा खर्च

EMI का फ़ॉर्मूला

EMI (इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट) वह तय रकम है जो आप लोन पर हर महीने भरते हैं। बैंक इसे रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकालते हैं: EMI = P × r × (1 + r)n ÷ ((1 + r)n − 1), जहां P लोन की रकम, r मासिक ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) और n महीनों की संख्या है। शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है, क्योंकि ब्याज सिर्फ़ बचे हुए बैलेंस पर लगता है। ₹5,00,000 के लोन पर 10.5% ब्याज और 5 साल के लिए EMI लगभग ₹10,747, कुल ब्याज लगभग ₹1,44,800 और कुल भुगतान लगभग ₹6,44,800 होता है।

होम, कार, पर्सनल और क्रेडिट कार्ड EMI

हर तरह के लोन पर यही फ़ॉर्मूला चलता है, सिर्फ़ दर और अवधि बदलती है। होम लोन 15–30 साल के होते हैं और दर कम होती है, फिर भी कुल ब्याज मूल रकम से ज़्यादा हो सकता है। कार और बाइक लोन आमतौर पर 3–7 साल के होते हैं। पर्सनल लोन बिना गारंटी के होते हैं, इसलिए महंगे होते हैं। क्रेडिट कार्ड की EMI में अक्सर 13–24% सालाना ब्याज और प्रोसेसिंग फ़ीस लगती है। अवधि साल या महीने में डालने के लिए स्विच का इस्तेमाल करें।

"नो-कॉस्ट EMI" की असली कीमत

फ़ोन, लैपटॉप और घरेलू सामान पर मिलने वाली नो-कॉस्ट EMI ब्याज-मुक्त लोन नहीं है। आमतौर पर बैंक अपनी सामान्य दर से ब्याज लेता है, और दुकानदार उतनी ही रकम की छूट पहले दे देता है, ताकि आपकी सारी EMI का जोड़ सामान की कीमत के बराबर हो। फिर भी दो खर्चे बचते हैं। पहला, हर EMI के ब्याज वाले हिस्से पर 18% GST लगता है जो आपको भरना पड़ता है। दूसरा, कई बैंक प्रोसेसिंग फ़ीस (अक्सर ₹99–₹299) और उस पर 18% GST लेते हैं। दूसरा कैलकुलेटर दोनों का अनुमान लगाता है।

उदाहरण: ₹60,000 का फ़ोन, 6 महीने की नो-कॉस्ट EMI

15% बैंक दर पर ₹60,000 में से लगभग ₹2,540 ब्याज है, जिसकी भरपाई छूट से होती है। उस ब्याज पर GST लगभग ₹460 है, और ₹199 की प्रोसेसिंग फ़ीस GST के साथ लगभग ₹235 बनती है। यानी "नो-कॉस्ट" खरीद पूरी रकम एक साथ देने से करीब ₹700 (1% से थोड़ा ज़्यादा) महंगी पड़ती है। कैश-फ़्लो के लिए यह फिर भी ठीक हो सकता है, पर अगर वही दुकानदार पूरे भुगतान पर तुरंत छूट दे रहा है तो दोनों की तुलना ज़रूर करें।

EMI या कुल ब्याज कैसे घटाएं

मैं कितनी EMI भर सकता हूं?

आम नियम है कि सारी EMI मिलाकर हाथ में आने वाली सैलरी के लगभग 40% से कम रहें; बैंक भी ऐसा ही अनुपात (FOIR) देखते हैं। लंबे लोन से पहले इमरजेंसी फ़ंड और बीमा के लिए जगह रखें। अगर नौकरी बदलने या आमदनी घटने की संभावना है, तो थोड़ी कम EMI वाला विकल्प चुनना सुरक्षित रहता है।

फ़्लैट रेट बनाम रिड्यूसिंग बैलेंस

कुछ कर्जदाता, खासकर घरेलू सामान और गाड़ियों के लिए, "फ़्लैट" ब्याज दर बताते हैं, जो पूरी अवधि में मूल लोन रकम पर लगती है। 10% फ़्लैट रेट 10% रिड्यूसिंग रेट से कहीं महंगा है; तीन साल में यह लगभग 18% रिड्यूसिंग रेट के बराबर बैठता है। हमेशा रिड्यूसिंग बैलेंस दर या सालाना प्रतिशत दर (APR) पूछें, जिसे RBI के नियमों के अनुसार रिटेल और MSME लोन की की-फ़ैक्ट स्टेटमेंट (KFS) में बताना ज़रूरी है। यह कैलकुलेटर रिड्यूसिंग बैलेंस तरीका इस्तेमाल करता है।

की-फ़ैक्ट स्टेटमेंट पढ़ें

KFS में APR, सारी फ़ीस और पूरा भुगतान शेड्यूल होता है। दो ऑफ़र की तुलना हेडलाइन दर से नहीं, KFS से करें।

EMI छूट जाए तो

EMI छूटने या देर से भरने पर आमतौर पर बाउंस चार्ज, पेनल चार्ज लगते हैं और क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट जाती है, जिससे स्कोर सालों तक गिरा रह सकता है। अगर दिक्कत का अंदाज़ा हो तो ड्यू डेट से पहले ही बैंक से बात करें; कई बैंक कुछ समय के लिए रीस्ट्रक्चरिंग या EMI की तारीख बदलने की सुविधा देते हैं।

नतीजे अनुमान हैं; असली EMI बैंक की दर, राउंडिंग और फ़ीस पर निर्भर है। यह वित्तीय सलाह नहीं है। EMI कन्वर्ज़न के लिए बैंक हेल्पलाइन Credit Card Customer Care पर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

EMI कैसे निकाली जाती है?

EMI = P × r × (1+r)^n ÷ ((1+r)^n − 1), जहां r मासिक दर और n महीने हैं।

₹5 लाख पर 10.5% ब्याज, 5 साल की EMI कितनी होगी?

लगभग ₹10,747 महीना, कुल ब्याज करीब ₹1.45 लाख।

क्या नो-कॉस्ट EMI सच में मुफ़्त है?

पूरी तरह नहीं। ब्याज वाले हिस्से पर 18% GST और GST सहित प्रोसेसिंग फ़ीस लगती है।

नो-कॉस्ट EMI पर GST क्यों लगता है?

क्रेडिट कार्ड EMI का ब्याज टैक्स योग्य वित्तीय सेवा माना जाता है, इसलिए उस पर 18% GST लगता है।

क्या प्रीपेमेंट से EMI घटती है?

पार्ट-प्रीपेमेंट के बाद आमतौर पर आप EMI या बची अवधि में से एक घटा सकते हैं।

सैलरी के हिसाब से कितनी EMI ठीक है?

आम नियम: सारी EMI हाथ में आने वाली सैलरी के लगभग 40% से कम।

क्या यह मेरे बैंक के लिए सटीक है?

यह मानक फ़ॉर्मूला है; राउंडिंग या फ़ीस से बैंक का आंकड़ा थोड़ा अलग हो सकता है।